झरिया: शहर की बदहाल सड़कों और जलजमाव से परेशान स्थानीय लोगों का गुस्सा अब अनोखे विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आया। लोगों ने जर्जर सड़क के गड्ढों में धान रोपणी कर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया और सड़क की जल्द मरम्मत की मांग की।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब एक साल पहले नगर निगम की ओर से बनाई गई झरिया शहर की मुख्य सड़क अब जगह-जगह टूट चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, जलजमाव और गंदगी के कारण राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है।
सड़क की बदहाली से हादसों का खतरा
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन बाइक सवार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। सब्जी पट्टी क्षेत्र में कई महिलाओं के गिरकर घायल होने की बात भी स्थानीय लोगों ने कही।
लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इसी समस्या की ओर प्रशासन और नगर निगम का ध्यान आकर्षित करने के लिए लोगों ने सड़क पर धान रोपणी कर विरोध जताया।
पूर्व पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन में शामिल पूर्व पार्षद अनूप कुमार साव ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जनता के करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क एक साल के भीतर ही खराब हो गई।
उन्होंने मांग की कि सड़क निर्माण की निगरानी करने वाले संबंधित अभियंता की भूमिका की जांच हो और मापी पुस्तिका के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया की भी जांच की जाए। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की गई।
उन्होंने तत्काल मशीन से सड़क की खराब पिच को समतल कराने की मांग भी रखी।
10 दिन का अल्टीमेटम
पूर्व पार्षद अनूप साव ने नगर निगम को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि सड़क की मरम्मत नहीं हुई और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो झरिया में व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने तख्तियां लेकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क की जल्द मरम्मत की मांग उठाई। प्रदर्शन में कई स्थानीय लोग शामिल रहे।
















