रांची: झारखंड में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गर्भधारण से पहले महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी परामर्श उपलब्ध कराने को लेकर राज्यस्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। बुधवार को हुई इस बैठक का आयोजन चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (CINI) और झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
बैठक में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, चिकित्सकों, सरकारी अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा के दौरान गर्भावस्था और प्रसव से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए प्री-कन्सेप्शन केयर को स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि गर्भावस्था से जुड़े कई स्वास्थ्य जोखिम गर्भधारण से पहले ही शुरू हो सकते हैं। ऐसे में महिलाओं को समय रहते स्वास्थ्य जांच, उचित सलाह और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के निदेशक शशि प्रकाश झा ने प्रसव के आसपास की अवधि को बेहद संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि प्रसव से पहले और बाद के समय में मां और नवजात की विशेष देखभाल जरूरी है। अस्पतालों में इस दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
















