रांची: राजधानी के होटल रेडिसन ब्लू में शुक्रवार को नाबार्ड ग्रामीण भारत महोत्सव सह क्लासिक एक्सपो के चौथे संस्करण का शुभारंभ हुआ। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महोत्सव का उद्घाटन किया। 11 से 20 सितंबर तक चलने वाले इस दस दिवसीय आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए हस्तशिल्पी और कारीगर अपने पारंपरिक उत्पादों और कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
उद्घाटन के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि रांची में ग्रामीण भारत महोत्सव का आयोजन झारखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अलग-अलग राज्यों के कारीगरों को अपने हुनर और उत्पादों को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दे रहा है।
नाबार्ड झारखंड की मुख्य महाप्रबंधक दीपमाला घोष ने बताया कि महोत्सव में 28 राज्यों के कारीगर अपनी क्षेत्रीय कला और उत्कृष्ट हस्तशिल्प लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन के जरिए देश की सांस्कृतिक विविधता और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना देखने को मिल रही है।
महोत्सव में कश्मीर से कन्याकुमारी तक की कला और संस्कृति को एक ही मंच पर प्रदर्शित किया गया है। कश्मीर की पारंपरिक शॉल, महाराष्ट्र की हस्तशिल्प कलाकृतियां और त्रिपुरा के पारंपरिक परिधान लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
वहीं, झारखंड की प्रसिद्ध सोहराय कला भी महोत्सव में खास पहचान बना रही है। विभिन्न राज्यों से पहुंचे कारीगर अपने पारंपरिक उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण भारत की कला, संस्कृति और विरासत को लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
















