गोविंदपुर: धनबाद के गोविंदपुर प्रखंड के निचितपुर निवासी और कंचनपुर मध्य विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक जयराम महतो का अचानक निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, हाई स्कूल परीक्षा ड्यूटी से लौटने के बाद घर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। ब्रेन हेमरेज की आशंका के बाद ग्रामीण उन्हें एसएनएमएमसीएच, धनबाद ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) की महिला अध्यक्ष डिम्पल चौबे जयराम महतो के आवास पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
डिम्पल चौबे ने कहा कि जयराम महतो ने करीब 25 वर्षों तक सहायक अध्यापक के रूप में सेवा दी। उनके निधन के बाद परिवार को मिलने वाले सरकारी लाभ और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर उन्होंने सवाल उठाए। उनका दावा है कि सहायक अध्यापकों से जुड़े नियमों में अनुकंपा का प्रावधान होने के बावजूद पात्र आश्रितों को इसका लाभ मिलने में परेशानी हो रही है।
झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित अलग-अलग नीतियां और संशोधन उपलब्ध हैं। हालांकि, सहायक अध्यापक के मामले में संबंधित नियम और पात्रता के आधार पर ही लाभ का निर्णय किया जाता है।
डिम्पल चौबे ने सरकार से सहायक अध्यापक नियमावली में अनुकंपा से जुड़े प्रावधानों की स्पष्ट समीक्षा करने तथा पात्र मृत सहायक अध्यापकों के आश्रितों के लिए प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक सेवा देने वाले सहायक अध्यापक के निधन के बाद उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा और सरकारी लाभ के लिए परेशानी न हो, इसके लिए सरकार को ठोस नीतिगत कदम उठाने चाहिए।
गौरतलब है कि 2026 में झारखंड में सहायक आचार्य और पारा शिक्षकों से जुड़े नियुक्ति एवं सेवा संबंधी मामलों पर भी सरकारी और न्यायिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं चल रही हैं।
















