धनबाद: दुर्गापूजा को लेकर कोयलांचल में तैयारियां तेज हो गई हैं। हीरापुर स्थित सत्यम शिवम सुंदरम दुर्गा पूजा समिति, झारखंड मैदान इस बार अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ‘आदिवासी शीश महल’ की थीम पर भव्य पंडाल तैयार करा रही है। समिति के अनुसार, करीब 32 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पंडाल में कला, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को खास तौर पर शामिल किया गया है।
प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार हो रहा पंडाल
पंडाल, मां दुर्गा की प्रतिमा और विद्युत सज्जा का काम पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर-कांथी से आए कारीगर कर रहे हैं। समिति के मुताबिक, पंडाल और प्रतिमा को इको-फ्रेंडली रखने के लिए प्लास्टिक और थर्मोकोल का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
निर्माण में बांस, बांस के छिलके, बिचाली, नारियल के छिलके, हुगला पत्ते और बैंगन के सूखे फूल जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है।
23 अक्टूबर को निकलेगी भव्य विसर्जन शोभायात्रा
समिति के अनुसार, 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे झारखंड मैदान से विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें नागपुर का महिला ढोलक-मम्मे ढोल सेट, बनारस का रास-नृत्य, बंगाल का छाऊ नृत्य, विशेष नृत्य दल, स्कूटी पर झांकियां और हाथी-घोड़े आकर्षण का केंद्र होंगे।
शोभायात्रा में 20 महिलाएं पारंपरिक चंवर, 20 महिलाएं शंख और 20 महिलाएं माता की तलवार व छत्र लेकर आगे चलेंगी। श्रीराम सेना के सदस्य भी व्यवस्था में सहयोग करेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग और निकासी की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पार्किंग और यातायात व्यवस्था की भी तैयारी की गई है। गोविंदपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु रणधीर वर्मा चौक होते हुए झारखंड मैदान पहुंच सकेंगे। वहीं झरिया और मटकुरिया की ओर से आने वाले लोगों के लिए बरमसिया पुल के रास्ते वासन वाटिका और डीएस कॉलोनी में पार्किंग की व्यवस्था बताई गई है।
दर्शन के बाद निकासी के लिए पंपू तालाब और मजार होते हुए डीआरएम चौक की ओर मार्ग निर्धारित किया गया है।
समिति के मीडिया प्रभारी विकास साव ने धनबादवासियों और श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचकर दुर्गापूजा महोत्सव में शामिल होने की अपील की है।
















