धर्म: धनतेरस की तारीख को लेकर इस वर्ष लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दो दिनों तक रहने के कारण 6 और 7 नवंबर को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस बार धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाना उचित रहेगा।
पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे समाप्त होगी। 6 नवंबर को प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि रहने के कारण इस दिन पूजा करना शुभ माना गया है।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त:
- पूजा का समय: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक
- स्थिर लग्न: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक
सोना-चांदी खरीदने का मुहूर्त:
ज्योतिर्विद के अनुसार, 6 नवंबर को दिनभर और शाम के समय खरीदारी की जा सकती है। वहीं, अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:36 बजे से 12:24 बजे तक बताया गया है।
दीपदान का महत्व:
धनतेरस की शाम घर के बाहर दक्षिण दिशा में यम के नाम का दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि प्रदोष काल में दीपदान करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
नोट: पूजा और खरीदारी के मुहूर्त स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें।
















