धनबाद : मध्य पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक तेल संकट के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा ईंधन की खपत कम करने और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील के बाद धनबाद जिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव समाप्त होने के बाद अब भाजपा को महंगाई और आर्थिक संकट की याद आ रही है। उन्होंने कहा कि आम जनता से बचत और त्याग की अपील करने से पहले भाजपा नेताओं और मंत्रियों के खर्चों पर रोक लगाई जानी चाहिए।
Kumar Gaurav ने कहा कि भाजपा के सांसद, विधायक और बड़े नेता भारी-भरकम काफिलों और लग्जरी गाड़ियों का उपयोग करते हैं। यदि सरकार वास्तव में ईंधन बचत को लेकर गंभीर है, तो सबसे पहले सत्ता पक्ष के नेताओं के काफिलों पर नियंत्रण लगाया जाना चाहिए।
वहीं Santosh Singh ने कहा कि बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की संभावित कीमत वृद्धि और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ता दबाव केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समय रहते जरूरी कदम उठाने में असफल रही और अब उसका बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश की जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से परेशान है। ऐसे समय में लोगों से यात्रा कम करने, ईंधन बचाने और खर्च घटाने की अपील करना यह दिखाता है कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर दबाव में है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति बनाने और आम लोगों को राहत देने की मांग की है। वहीं इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है और विपक्ष इसे सरकार की नीतिगत विफलता बता रहा है।














