धनबाद : प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत अपील के बाद Coal India Limited ने देशभर में हरित परिवहन अभियान शुरू कर दिया है। कंपनी ने अपनी सभी अनुषंगी इकाइयों में ईवी टिपर और अधिकारियों के लिए कार पूलिंग व्यवस्था को अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया है।
कोल इंडिया चेयरमैन बी. साईंराम ने कहा कि ईंधन संरक्षण अब केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि कॉरपोरेट जिम्मेदारी का हिस्सा है। नई गाइडलाइन के तहत सभी सहायक कंपनियों को तत्काल प्रभाव से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग और साझा वाहन प्रणाली लागू करने को कहा गया है।
निर्देश के बाद Bharat Coking Coal Limited ने भी कोयला ढुलाई में ईवी टिपरों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मौजूदा ठेकों में ईवी टिपरों को नियमित करने के लिए एसओपी पहले ही जारी की जा चुकी है, जबकि नए अनुबंधों में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत कोल इंडिया मुख्यालय सहित Eastern Coalfields Limited और Central Coalfields Limited के अधिकारियों और कर्मचारियों को दोपहिया, इलेक्ट्रिक वाहन और कार पूलिंग को प्राथमिकता देनी होगी। विभागाध्यक्षों को समूह में वाहनों के उपयोग और डीजल-पेट्रोल वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
कंपनी ने ईंधन उपयोग की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी महाप्रबंधक (ईएंडएम) को सौंपी है। सभी एरिया महाप्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार पूलिंग लागू कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है।
कोल इंडिया प्रबंधन का मानना है कि इस पहल से ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और डीजल-पेट्रोल आपूर्ति पर पड़ रहे असर को देखते हुए यह कदम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।














