रांची: झारखंड के छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विद्यार्थियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए पारंपरिक साइकिल वितरण योजना को आधुनिक स्वरूप देने की घोषणा की है। अब छात्रों को सामान्य साइकिल के बजाय इलेक्ट्रिक साइकिल (E-Cycle) उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण, उद्योग एवं शिक्षा विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर राज्य में ही साइकिल निर्माण उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें। साथ ही छात्र-छात्राओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और उनके आवागमन को सुगम बनाने के लिए ई-साइकिल योजना पर विशेष जोर दिया गया।
सरकार का मानना है कि ई-साइकिल मिलने से दूर-दराज के गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी। इससे समय की बचत होगी और विद्यार्थियों को लंबी दूरी तय करने में कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
यह पहल केवल शिक्षा को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ई-साइकिल के उपयोग से प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि दिव्यांग छात्र-छात्राओं को भी इस योजना से जोड़ा जाए और उनके लिए ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके।
सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों छात्र-छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह योजना शिक्षा तक पहुंच को और आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
















