निरसा: 2 जून को निरसा विधानसभा क्षेत्र के बड़मुड़ी गांव में झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बबलू दास ने की, जिसमें बड़ी संख्या में बांग्लाभाषी समाज के लोग शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए बबलू दास ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित जनगणना (S.R.) प्रक्रिया के तहत झारखंड में रहने वाले बांग्लाभाषी समाज के 29 जातीय समुदायों के लोगों को मातृभाषा के कॉलम में “बांग्ला” अवश्य दर्ज कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में बांग्लाभाषियों की वास्तविक संख्या सामने आएगी और भाषा को उचित पहचान मिल सकेगी।
समिति के संस्थापक बेगु ठाकुर ने कहा कि जनगणना में सही भाषा का उल्लेख होना अत्यंत आवश्यक है। इससे सरकार को झारखंड में बांग्ला भाषियों की वास्तविक स्थिति और संख्या की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल बांग्लाभाषियों का समर्थन प्राप्त करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और भाषा के संरक्षण को लेकर गंभीर पहल नहीं करते। ऐसे में जनगणना के आंकड़े प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बांग्लाभाषियों की स्थिति स्पष्ट करेंगे।
उन्होंने समाज के लोगों से अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा, “हमारी पहचान हमारी भाषा है, इसलिए इसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
बैठक में रूपा चक्रवर्ती, कनिका चक्रवर्ती, लीलिमा देवी, मल्लिका गराई, मोनिका गराई, कला देवी, लीला देवी, सिल्वा सरखेल, पूर्वी सरखेल, मलय चक्रवर्ती, कविता डे, भीम गराई समेत कई लोग उपस्थित रहे।
















