बोकारो |
बोकारो जिले के चंदनकियारी में चर्चित नमिता देवी हत्याकांड को 120 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक मामले का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। चार महीने बीत जाने के बावजूद जांच में कोई निर्णायक सफलता नहीं मिलने से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गौरतलब है कि 2 फरवरी 2026 को चंदनकियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के समीप झाड़ियों से नमिता देवी का शव बरामद हुआ था। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, दो डीएसपी और पांच थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जांच में डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम की भी सहायता ली गई थी।
घटना के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंच जाएगी, लेकिन 120 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस प्रशासन ने आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की है, फिर भी अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
इस बीच मामले में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले नेताओं की ओर से इस हत्याकांड को लेकर कोई बड़ी पहल या मुखर प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है। न सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया है।
परिवार और क्षेत्र की जनता आज भी दो अहम सवालों के जवाब तलाश रही है—पहला, आखिर चार महीने बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है? और दूसरा, इतने संवेदनशील मामले पर राजनीतिक नेतृत्व की चुप्पी का कारण क्या है?
फिलहाल नमिता देवी का परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा होना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
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बोकारो के चर्चित नमिता देवी हत्याकांड को 120 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी फरार है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और मामले में राजनीतिक चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं
















