झरिया: बीसीसीएल के पूर्वी झरिया क्षेत्र अंतर्गत भौंरा स्थित बंद 35 नंबर खदान में चल रहे अवैध कोयला खनन के खिलाफ बीसीसीएल प्रबंधन और सीआईएसएफ ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध रूप से निकाला गया कोयला जब्त किया गया, जबकि खनन के लिए बनाए गए अवैध मुहाने को भरकर बंद कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बंद पड़ी 35 नंबर खदान का मुहाना खोलकर पिछले करीब एक महीने से कोयला तस्करों द्वारा अवैध खनन किया जा रहा था। मामले की सूचना मिलने के बाद पूर्वी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक Tuneshwar Paswan के नेतृत्व में बीसीसीएल की आंतरिक सुरक्षा टीम और सीआईएसएफ ने संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया।
छापेमारी टीम के पहुंचते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्रवाई के समय अवैध खदान के भीतर लगभग 40 मजदूर कोयला काटने के कार्य में लगे हुए थे। सुरक्षा बलों को देखते ही सभी मजदूर मौके से फरार हो गए।
जांच के दौरान खदान के आसपास सैकड़ों बोरियों में भरा हुआ कोयला बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि रात के समय इन बोरियों को विभिन्न अवैध कोयला भट्ठों और तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचाने की तैयारी थी। टीम ने मौके से बरामद कोयले को जब्त कर लिया और अवैध खनन के लिए बनाए गए रास्ते को बंद कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 35 नंबर खदान के आसपास अब भी कई अन्य अवैध मुहाने खुले हुए हैं, जहां दिन-रात कोयला खनन का काम जारी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नियमित गश्त के बावजूद कोयला तस्करों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। शिकायत करने वाले लोगों को धमकियां मिलने की बात भी सामने आई है।
छापेमारी के बाद जब्त किए गए कोयले को बीसीसीएल के हाइवा वाहनों में लोड कर सुदामडीह एएसपी कोलियरी स्थित डिपो में जमा कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिन स्थानों तक भारी वाहन और मशीनें नहीं पहुंच सकीं, वहां जल्द ही विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
बीसीसीएल और सीआईएसएफ की इस कार्रवाई के बाद अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे क्षेत्र में लगातार अभियान चलाकर अवैध खनन और कोयला तस्करी पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है।
















