बलियापुर (धनबाद): आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बलियापुर प्रखंड सभागार में कल्याण विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिंदरी के विधायक चंद्रदेव महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान विधायक चंद्रदेव महतो ने विभिन्न पंचायतों के जाहेर थान एवं सरना स्थलों के लिए पूजन सामग्री का वितरण किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक परंपराओं और आस्था स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर परसंबनिया, बालीचिरका, कुशमाटांड़, आमझर तथा रांगामाटी पंचायतों के लाभुकों को पूजन सामग्री प्रदान की गई। पूजन सामग्री प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं उनकी पहचान और गौरव का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जाहेर थान और सरना स्थल केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति पूजा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के केंद्र हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहें।
विधायक ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज की आस्था और संस्कृति को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है। सरकार की यह पहल समाज की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
कार्यक्रम में कल्याण विभाग के अधिकारी, प्रखंड प्रशासन के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
















