धनबाद: धनबाद रेल मंडल, “मैं हूं धनबाद” एवं आर्य देव समर्पण सेवा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में धनबाद रेलवे स्टेशन परिसर में स्वच्छता, रेल सुरक्षा एवं सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य यात्रियों और आम नागरिकों को स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक उपायों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मनीष सौरभ उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. लव कुमार ने भाग लिया। अभियान के दौरान लोगों को अपने आसपास के वातावरण, रेलवे स्टेशन और ट्रेनों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
इस अवसर पर यात्रियों एवं आम नागरिकों को सीपीआर के महत्व और इसकी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि हृदय गति रुकने या किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ने जैसी आपात स्थिति में केवल वीडियो बनाने के बजाय तत्काल सहायता और सीपीआर देकर उसकी जान बचाई जा सकती है। कार्यक्रम में सीपीआर का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया, जिसे लोगों ने काफी रुचि के साथ देखा।
अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए बच्चों द्वारा एक प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। “धनबाद हमारा है, स्वच्छता की जिम्मेदारी भी हमारी है – हम बदलेंगे, जग बदलेगा” विषय पर आधारित इस नाटक के माध्यम से स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों का संदेश दिया गया। उपस्थित यात्रियों और नागरिकों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनीष सौरभ ने कहा कि इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने संस्था द्वारा किए जा रहे जनहितकारी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। स्वच्छता, रेल सुरक्षा और नागरिक सहभागिता एक सशक्त समाज की आधारशिला हैं।
“मैं हूं धनबाद” की अध्यक्ष पूजा रत्नाकर ने कहा कि संगठन का उद्देश्य लोगों को उनके सामाजिक और नागरिक कर्तव्यों के प्रति लगातार जागरूक करना है। उन्होंने सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और समाज के प्रति जिम्मेदार व्यवहार की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान रेलवे ऑडिटोरियम परिसर में मातृशक्ति के सहयोग से पांच पौधे भी लगाए गए। वहीं मोहम्मद सलाउद्दीन ने कहा कि “मैं हूं धनबाद” केवल बातें करने में नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य करने में विश्वास रखता है और शहर के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यात्री, स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं रेलवे अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने ऐसे जनहितकारी अभियानों को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
















