धनबाद: संकटों से रक्षा करने वाली माता विपदतारिणी की पूजा शनिवार को धनबाद के दामोदरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। सुबह से ही मंदिरों में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और संकटों से रक्षा की प्रार्थना की।
दामोदरपुर स्थित हरि मंदिर में पुजारी श्यामल गोस्वामी ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ मां विपदतारिणी की विशेष पूजा-अर्चना कराई। पूजा के दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय मां विपदतारिणी” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
धार्मिक परंपरा के अनुसार महिलाओं ने उपवास रखकर माता की आराधना की। पूजा में 13 प्रकार के फल, 13 प्रकार के फूल, 13 पान के पत्ते, लौंग, इलायची, मिष्ठान और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और सभी प्रकार की विपत्तियों से रक्षा की कामना करते हुए माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूजा के समापन पर पुजारी श्यामल गोस्वामी ने श्रद्धालुओं की कलाइयों पर 13 गांठों वाला लाल रक्षा सूत्र बांधा। धार्मिक मान्यता है कि इस पवित्र धागे को धारण करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और माता विपदतारिणी की कृपा परिवार पर बनी रहती है।
पुजारी श्यामल गोस्वामी ने बताया कि रथ यात्रा के बाद आने वाले मंगलवार और शनिवार को मां विपदतारिणी की विशेष पूजा का विधान है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
















