बाघमारा/धनबाद: धनबाद के कतरास स्थित रामकनाली ओपी क्षेत्र के केशलपुर मुंडा धौड़ा में रविवार सुबह हुए बड़े भू-धंसान से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब 7:30 बजे तेज धमाके जैसी आवाज के साथ लगभग 60 फीट क्षेत्र की जमीन अचानक धंस गई, जिससे करीब आधा दर्जन खाली मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही सेकंड में जमीन फटने लगी और आसपास के क्षेत्रों में भी गहरी दरारें दिखाई देने लगीं। राहत की बात यह रही कि ध्वस्त हुए सभी मकान खाली थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि कई परिवारों का घरेलू सामान मलबे में दब गया।
घटना की सूचना मिलते ही रामकनाली ओपी पुलिस, AKWMC कोलियरी प्रबंधन और CISF की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे प्रभावित क्षेत्र को लाल फीता लगाकर घेर दिया गया और लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
भू-धंसान से प्रभावित परिवारों में अनवर अंसारी, गीता देवी, राजू गुप्ता और विंदा देवी सहित अन्य लोग शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, इन परिवारों को पहले ही पुनर्वास के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी थी। कुछ परिवार नए घरों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि कुछ के नए मकानों का निर्माण कार्य अभी जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में भू-धंसान की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बीसीसीएल से प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास, उचित मुआवजा और भू-धंसान की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
वहीं, भू-धंसान स्थल के समीप बहने वाली कतरी नदी और पास स्थित हनुमान मंदिर को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो आसपास के क्षेत्रों में और भी बड़े भू-धंसान का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रभावित क्षेत्र से दूर रहें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
















