भागलपुर: वर्ष 2022 के चर्चित काजवलीचक बम विस्फोट मामले में करीब चार साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह फैसला भागलपुर व्यवहार न्यायालय के न्यायिक पदाधिकारी ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने सुनाया। अदालत ने मामले में मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई, जबकि साक्ष्यों के अभाव में तीन अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले के दो अन्य आरोपियों की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।
गौरतलब है कि 3 मार्च 2022 की देर रात भागलपुर के ततारपुर थाना क्षेत्र स्थित काजवलीचक में कथित रूप से बम बनाने के दौरान भीषण विस्फोट हुआ था। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 10 लोग घायल हुए थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना फैसला सुनाया।
अदालत के इस फैसले को मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ, जिसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को सजा सुनाई।
















