धनबाद, 23 जुलाई: कोयला क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को बीसीसीएल, सीसीएल और एमसीएल समेत विभिन्न कोयला कंपनियों में ‘कोल नीर’ परियोजना का वर्चुअल शुभारंभ किया।
इस परियोजना के तहत आधुनिक जल शोधन तकनीकों की मदद से उच्च गुणवत्ता वाला बोतलबंद पेयजल तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य खनन क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार करना है।
बीसीसीएल के अनुसार, कंपनी के पीबी एरिया में पहला ‘कोल नीर’ प्लांट शुरू किया जा चुका है। वहीं सुदामडीह में बड़े क्षमता वाले नए संयंत्र की स्थापना की तैयारी चल रही है। भविष्य में बीसीसीएल के अन्य क्षेत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से ऐसे प्लांट लगाए जाएंगे।
कंपनी का कहना है कि ‘कोल नीर’ परियोजना से न केवल कार्यालयों और विभिन्न इकाइयों की पेयजल आवश्यकताएं पूरी होंगी, बल्कि आसपास के गांवों और स्थानीय समुदायों को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही, इस पहल से स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी विकसित होने की संभावना है।
बीसीसीएल का अनुमान है कि कंपनी में हर महीने लगभग 2.4 लाख लीटर ‘कोल नीर’ की खपत होगी। इससे बाहरी एजेंसियों से बोतलबंद पानी खरीदने की आवश्यकता कम होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह पहल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ सतत विकास, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
















