धनबाद : विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के तत्वावधान में राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, अशोकनगर में 24 से 26 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय वैदिक गणित कार्यशाला का रविवार को सफल समापन हो गया। कार्यशाला में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए 57 वैदिक गणित विशेषज्ञों और गणित शिक्षकों ने भाग लेकर गणित शिक्षण को अधिक सरल, रोचक और व्यवहारिक बनाने के साथ-साथ वैदिक गणित के नवाचारों पर विस्तृत मंथन किया।
विद्यालय के प्राचार्य सुमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करना तथा शिक्षकों को आधुनिक एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना था। उन्होंने कहा कि इस दौरान नवंबर 2026 में प्रस्तावित अखिल भारतीय वैदिक गणित मेले की रूपरेखा और तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्या भारती के 11 क्षेत्रों से आए शिक्षकों ने विद्यालयों में गणित प्रयोगशालाओं को और अधिक समृद्ध एवं उपयोगी बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय स्तर के अधिकारी प्रदीप कुमार और प्रसन्न साहू ने विद्यालय की कक्षा तीन के 30 विद्यार्थियों को मौखिक गणित की सरल एवं प्रभावी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। इस विशेष सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कम समय में जटिल गणनाओं को सरल तरीके से हल करने की विधियां सीखीं।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए विद्या भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री राम अरावकर ने कहा कि समाज में यह धारणा बदलने की आवश्यकता है कि गणित एक कठिन विषय है। उन्होंने कहा कि यदि गणित को रोचक, सहज और व्यावहारिक तरीके से पढ़ाया जाए तो विद्यार्थी स्वाभाविक रूप से इस विषय से जुड़ेंगे। उन्होंने प्रत्येक जिले में कम से कम 7 से 10 गणित प्रयोगशालाएं स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए देशभर में अधिक से अधिक वैदिक गणित विशेषज्ञ तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार समय की मांग है और भविष्य की तैयारी आज से ही शुरू करनी होगी।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार तुलस्यान ने कहा कि किसी भी विषय में सफलता के लिए उसकी मूल अवधारणाओं की स्पष्ट समझ आवश्यक है। यदि विद्यार्थियों को सही अवधारणाओं के साथ पढ़ाया जाए तो गणित कभी कठिन नहीं लगेगा। उन्होंने कार्यशाला में शामिल सभी राष्ट्रीय अधिकारियों, शिक्षकों और आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला के संयोजक देवेंद्र राव देशमुख ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़े हुए हैं। ऐसे में शिक्षकों को भी निरंतर स्वयं को अपडेट रखना होगा, ताकि वे विद्यार्थियों का प्रभावी मार्गदर्शन कर सकें और उन्हें गणित के प्रति प्रेरित कर सकें।
समापन समारोह में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री राम अरावकर, क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्याली राम, संयोजक देवेंद्र राव देशमुख, झारखंड प्रांत के प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा, विभाग प्रमुख नीरज कुमार लाल, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार तुलस्यान, प्राचार्य सुमंत कुमार मिश्रा, उप-प्राचार्या लीला सिंह सहित विद्यालय परिवार के सभी प्रभारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं देशभर से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे।
















