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आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में एसईसीएल अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय कार्यकारी विकास कार्यक्रम शुरू

JP Bharat Shareधनबाद, 27 जुलाई: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग (डीएमएसआईई) की ओर से साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), बिलासपुर के अधिकारियों के लिए “प्रोजेक्ट एंड फाइनेंशियल मैनेजमेंट विद प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड सिमुलेशन सॉफ्टवेयर” विषय पर पांच दिवसीय कार्यकारी विकास कार्यक्रम (ईडीपी) की शुरुआत सोमवार को हुई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम…

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धनबाद, 27 जुलाई: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग (डीएमएसआईई) की ओर से साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), बिलासपुर के अधिकारियों के लिए “प्रोजेक्ट एंड फाइनेंशियल मैनेजमेंट विद प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड सिमुलेशन सॉफ्टवेयर” विषय पर पांच दिवसीय कार्यकारी विकास कार्यक्रम (ईडीपी) की शुरुआत सोमवार को हुई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 से 31 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें एसईसीएल के विभिन्न विभागों के 20 अधिकारी भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने किया। इस अवसर पर प्रो. केका ओझा (डीन, कंटीन्यूइंग एजुकेशन एंड आउटरीच), प्रो. धीरज कुमार (प्रोफेसर, एचएजी, खनन अभियांत्रिकी विभाग) तथा प्रो. जे.के. पटनायक (एमेरिटस प्रोफेसर, डीएमएसआईई) सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद मौजूद रहे।

अपने संबोधन में प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में खनन परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए बेहतर प्रोजेक्ट प्लानिंग, प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिमुलेशन सॉफ्टवेयर और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया परियोजनाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, समयबद्ध और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव का अधिकतम उपयोग अपने कार्यक्षेत्र में करने का आह्वान किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य एसईसीएल के अधिकारियों को परियोजना योजना, वित्तीय प्रबंधन, प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग, रिस्क एनालिसिस, सिमुलेशन मॉडलिंग तथा सतत परियोजना प्रबंधन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, केस स्टडी, समूह चर्चा और सॉफ्टवेयर आधारित प्रायोगिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिकारी आधुनिक प्रबंधन तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझ सकें।

पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान कुल 18 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें सतत खनन परियोजना विकास, स्ट्रेटेजिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट, नेटवर्क तकनीक के माध्यम से प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग, रिस्क एनालिसिस एवं सिमुलेशन मॉडलिंग, फाइनेंशियल स्टेटमेंट एनालिसिस, कैपिटल बजटिंग, सोशल कॉस्ट-बेनेफिट एनालिसिस, कोयला उद्योग में मानव संसाधन प्रबंधन तथा प्रोजेक्ट्स की स्टार रेटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले 20 अधिकारी एसईसीएल के माइनिंग, एक्सकेवेशन, इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल, प्रोजेक्ट प्लानिंग, पर्यावरण, वित्त, कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट, मटेरियल मैनेजमेंट और परचेज जैसे विभिन्न विभागों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनमें जनरल मैनेजर, चीफ मैनेजर, सीनियर मैनेजर, मैनेजर, डिप्टी मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

कार्यक्रम का समन्वय प्रो. रश्मि सिंह (सहायक प्रोफेसर) एवं प्रो. नीलाद्रि दास (प्रोफेसर), प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में एसईसीएल, बिलासपुर के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास के सहयोग एवं मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद का यह कार्यकारी विकास कार्यक्रम उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संस्थान का उद्देश्य आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा देकर खनन क्षेत्र में दक्ष, नवाचारी और बेहतर नेतृत्व क्षमता वाले अधिकारियों का विकास करना है।


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