मैथन: डैम सेफ्टी अधिनियम-2021 के तहत मैथन और पंचेत डैम की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम ने दोनों डैम का विस्तृत सुरक्षा मूल्यांकन (सेफ्टी असेसमेंट) किया। इस दौरान डैम की संरचनात्मक मजबूती, स्थिरता और सुरक्षा मानकों का तकनीकी परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने डैम की संरचना से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन किया। अधिकारियों ने बताया कि इसी प्रक्रिया के तहत जल्द ही तिलैया और कोनार डैम का भी सुरक्षा मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि सभी प्रमुख बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इससे पहले एक विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा ड्रोन और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की मदद से मैथन और पंचेत डैम के आंतरिक एवं बाहरी हिस्सों का विस्तृत निरीक्षण किया जा चुका है। अब आईआईटी रुड़की की तकनीकी टीम द्वारा किए गए मूल्यांकन से डैम की दीर्घकालिक सुरक्षा और रखरखाव को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि डैम सेफ्टी अधिनियम-2021 के प्रावधानों के अनुसार मैथन डैम के 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निजी निर्माण या गतिविधि की अनुमति नहीं है। इसका उद्देश्य डैम की सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिरता बनाए रखना है।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय जल आयोग (CWC) और दामोदर घाटी निगम (DVC) के अधिकारी भी विशेषज्ञ टीम के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि समय-समय पर होने वाले ऐसे सुरक्षा मूल्यांकन से डैम की मजबूती सुनिश्चित करने के साथ संभावित जोखिमों की पहचान और उनके समाधान में भी मदद मिलती है।
















