कोलकाता : लेखिका तसलीमा नसरीन सत्ता परिवर्तन के बाद दूसरी बार कोलकाता पहुंची हैं। बुधवार को कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने शहर को लेकर खुशी जताई और बांग्लादेश में उग्रवादी गतिविधियों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की।
तसलीमा नसरीन ने बताया कि इस दौरे के दौरान वह कई साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगी। 8 अक्टूबर को महाजाति सदन में आयोजित कार्यक्रम में उनकी कविताओं का पाठ होगा और उनकी कविताओं पर आधारित गीत भी प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्हें सम्मानित किए जाने के साथ देवी वंदना का आयोजन भी होगा।
इसके अलावा 9 अक्टूबर को नेशनल लाइब्रेरी में एक पत्रिका के कार्यक्रम और 11 अक्टूबर को सॉल्टलेक के बीडी ऑडिटोरियम में साहित्यिक कार्यक्रम में उनके शामिल होने की जानकारी सामने आई है। 11 अक्टूबर के कार्यक्रम में उनकी अंग्रेजी पुस्तक ‘Jasmine’ के विमोचन का भी कार्यक्रम है।
तसलीमा ने कहा कि इस बार वह दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में नहीं रह पाएंगी, लेकिन महालया के दिन शहर में रहेंगी। समय मिलने पर वह ईडन गार्डन्स में होने वाले महालया कार्यक्रम को देखने की इच्छा रखती हैं। उन्होंने कोलकाता की दुर्गा पूजा की भी सराहना की और कहा कि उन्हें यहां की पूजा बेहद पसंद है।
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के दौरान मूर्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने और प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर तसलीमा नसरीन ने कहा कि उनके अनुसार वहां सांप्रदायिक और उग्रवादी समूह लंबे समय से ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे हिंसक और कट्टरपंथी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की। ये उनके द्वारा व्यक्त किए गए विचार हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंधों और तारिक रहमान को लेकर पूछे गए सवाल पर भी तसलीमा ने अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में दोनों देशों के संबंध बेहतर होने की उम्मीद करती हैं।
तसलीमा नसरीन का यह दौरा मुख्य रूप से साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ा है। करीब दो महीने के अंतराल में यह उनका कोलकाता का दूसरा दौरा है।
















