महुदा/धनबाद: झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के संयुक्त सहयोग से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत महुदा स्थित झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के प्रधान कार्यालय ममता कुंज में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संस्था के क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत फील्ड कोऑर्डिनेटर, कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करना तथा धनबाद जिले को बाल विवाह, बाल तस्करी और बाल मजदूरी से मुक्त बनाने के लिए आगे की कार्ययोजना तैयार करना रहा।
इस अवसर पर झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के संस्थापक निदेशक शंकर रवानी ने कहा कि संस्था पिछले तीन वर्षों से जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत धनबाद जिले में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभियान को और व्यापक रूप दिया जाएगा और जिले के 400 गांवों में बाल संरक्षण एवं बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत ग्राम बाल संरक्षण एवं कल्याण समितियों (VLCPC) को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों, प्रखंड प्रशासन और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से काम किया जाएगा।
शंकर रवानी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य धनबाद को बाल विवाह मुक्त और बाल-मित्र जिला बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है। बाल विवाह के साथ-साथ बाल मजदूरी और बाल तस्करी की रोकथाम को भी अभियान में प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि समुदाय, पंचायत और प्रशासन के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने के साथ जोखिम में रह रहे बच्चों की पहचान, रोकथाम, बचाव और पुनर्वास पर भी कार्य किया जाएगा। इसके लिए गांव स्तर पर लोगों को बाल अधिकारों और संरक्षण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
कार्यशाला के दौरान फील्ड कार्यकर्ताओं को बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। गांव-गांव तक अभियान को प्रभावी तरीके से पहुंचाने, बाल विवाह या अन्य जोखिम की स्थिति में बच्चों की पहचान करने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की सचिव हलीमा एजाज, कोषाध्यक्ष विनोद महतो, जिला समन्वयक सीता कुमारी, नितेश वर्मा, अभिषेक भारती, नैमुद्दीन अंसारी, प्रियंका बीबी, दीपा कुमारी, पूजा कुमारी, गुलनाज बानो, कुमारी आशा महतो, इमानुल हक सहित संस्था के दर्जनों कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह, बाल मजदूरी और बाल तस्करी के खिलाफ मिलकर काम करने का संकल्प लिया। साथ ही धनबाद को बाल-मित्र और बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए लगातार जागरूकता और सामुदायिक स्तर पर प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
















