धनबाद: बारामुड़ी खटाल में करीब 18 एकड़ सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जमीन की मापी और सर्वे के बाद 155 घरों और दुकानों को अनधिकृत चिह्नित किया गया है। इसी संबंध में जारी नोटिस का जवाब देने के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग धनबाद अंचल कार्यालय पहुंचे और जमीन के दस्तावेज जुटाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।
स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 20 से 22 वर्ष पहले तत्कालीन उपायुक्त के निर्देश पर उन्हें बेकार बांध से हटाकर बारामुड़ी में बसाया गया था। यादव समाज के नेता बसंत यादव और निवासी बिंदेश्वरी यादव ने भी प्रशासन से दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय देने की मांग की।
धनबाद के अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया शुरू की गई है। लोगों को दस्तावेज जमा करने के लिए समय दिया जा रहा है। निर्धारित समय में वैध कागजात प्रस्तुत नहीं करने वालों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग कर जमीन खाली कराई जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, पांडरपाला और ट्रैक्शन कॉलोनी में भी जमीन की मापी और अतिक्रमण चिह्नित करने का काम चल रहा है। आगे लोको टैंक, रानी बांध तालाब और हाउसिंग कॉलोनी में भी अभियान चलाने की योजना है।
















