धनबाद: बीसीसीएल ब्लॉक-2 क्षेत्र के बेनीडीह केकेसी मेन साइडिंग में वर्ष 2022 में हुई गोलीबारी की घटना की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने तेज कर दी है। चार लोगों की मौत और दो लोगों के घायल होने वाली इस घटना की जांच के लिए आयोग की टीम 22 से 25 सितंबर तक धनबाद में रहकर विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
बुधवार को डीआईजी गौरव गर्ग के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बाघमारा थाना क्षेत्र स्थित घटनास्थल पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। टीम ने घटना के समय ड्यूटी पर तैनात CISF अधिकारियों और जवानों से घटनाक्रम को लेकर जानकारी ली। इसके अलावा स्थानीय पुलिस अधिकारियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई।
मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज
घटनास्थल के निरीक्षण के बाद NHRC टीम ने हरिना कॉलोनी स्थित गेस्ट हाउस में मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने आयोग के सामने घटना की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग रखी। कुछ परिजनों की ओर से CISF की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर बताया गया है। ये आरोप परिजनों के हैं और मामले की जांच के निष्कर्ष आने तक इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।
पुलिस और स्वतंत्र गवाहों से भी पूछताछ
NHRC की जांच में तत्कालीन पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों, अनुसंधान पदाधिकारियों और घटना के समय मौजूद संबंधित कर्मियों से जानकारी लेने की प्रक्रिया भी शामिल है। आयोग ने घटना से जुड़े स्वतंत्र गवाहों से भी पूछताछ की और अब तक की जांच से संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की।
बेनीडीह गोलीकांड में मृतकों के परिजनों, घायलों से जुड़े पक्षों, प्रत्यक्षदर्शियों, वाहन चालक और शिकायतकर्ता सहित कई लोगों को जांच के दायरे में रखा गया है। साथ ही उस समय पदस्थ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और घटना में शामिल CISF जवानों से भी जानकारी लेने की प्रक्रिया तय की गई है।
NHRC द्वारा जुटाए जा रहे बयानों, दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच के निष्कर्ष के बाद ही घटना में किसी व्यक्ति या पक्ष की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
















