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बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला संपन्न, अल्पवृष्टि से निपटने की बनी रणनीति

JP Bharat Shareरांची : Birsa Agricultural University में राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला का समापन हो गया। कर्मशाला में इस वर्ष संभावित अल्पवृष्टि की स्थिति से निपटने की रणनीति तैयार की गई। कार्यक्रम के पहले दिन विभिन्न जिलों के कृषि पदाधिकारियों ने खरीफ फसलों को…

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रांची : Birsa Agricultural University में राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला का समापन हो गया। कर्मशाला में इस वर्ष संभावित अल्पवृष्टि की स्थिति से निपटने की रणनीति तैयार की गई।

कार्यक्रम के पहले दिन विभिन्न जिलों के कृषि पदाधिकारियों ने खरीफ फसलों को लेकर अपनी तैयारियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। वहीं दूसरे और अंतिम दिन पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन और वृत्तचित्र के माध्यम से किसानों को अलग-अलग भूमि के अनुसार उपयुक्त फसल की किस्मों और कम बारिश में बेहतर उत्पादन के उपायों की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर खरीफ कर्मशाला की पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। समापन समारोह में मौजूद राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने कहा कि अल नीनो प्रभाव के कारण इस वर्ष कम बारिश की संभावना है और आने वाला मौसम किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और विभाग इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सीमांत किसानों को विशेष सहायता देने और समय पर बीज उपलब्ध कराने को लेकर विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है।

कृषि मंत्री ने बताया कि सभी जिलों और प्रखंड स्तर पर किसानों के साथ बैठकें और खरीफ मेलों का आयोजन किया जाएगा, ताकि कर्मशाला में दिए गए सुझावों और तकनीकी जानकारी को किसानों तक पहुंचाया जा सके।


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