बोकारो: बोकारो पुलिस ने कथित फर्जी SIM नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य दूसरे लोगों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर उनके नाम पर SIM कार्ड जारी कराते थे। इन SIM का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में किया जा रहा था।
180 से ज्यादा SIM साइबर अपराधियों को देने का आरोप
चास अनुमंडल के ASP वेदांत शंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बरमसिया ओपी पुलिस को सूचना मिली थी कि POS एजेंट प्रदीप दास ने जुलाई से अगस्त के बीच 140 से अधिक SIM और मुकेश गोप ने 42 SIM कथित तौर पर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए।
पुलिस के मुताबिक, दूरसंचार विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए इन SIM को दूसरे लोगों की पहचान का इस्तेमाल कर सक्रिय कराया गया था। जांच में इनके साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
हर SIM के बदले मिलते थे 800 रुपये
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में प्रदीप और मुकेश ने बताया कि वे पैसे के लालच में दूसरे लोगों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट लेकर SIM सक्रिय करते थे। इसके बाद SIM को परमीत महथा, राहुल कुमार और विवेक चौधरी तक पहुंचाया जाता था। पुलिस के मुताबिक, इसके बदले उन्हें प्रति SIM करीब 800 रुपये मिलते थे।
पुलिस का आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े लोग साइबर अपराध के जरिए फर्जी बैंक खाते तैयार कर ठगी करते थे और ठगी की रकम आपस में बांटते थे।
मोबाइल और SIM बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से Samsung Galaxy A17 5G, दो Airtel SIM और Realme 12X 5G मोबाइल बरामद किया। Realme फोन में Airtel और Jio के SIM लगे हुए थे।
मामले में साइबर थाना में IT Act और Telecom Act की धारा 42(3)(e) के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
आधार और फिंगरप्रिंट देने से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपना आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें। अपने नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं, इसकी समय-समय पर जांच भी करते रहें।
















