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चिरकुंडा में 11KV तार गिरने से 3 मवेशियों की मौत, मुआवजे को लेकर सड़क जाम

JP Bharat Shareधनबाद जिले के चिरकुंडा में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंगलवार सुबह जर्जर 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीन मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर चिरकुंडा-पंचेत मुख्य…

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धनबाद जिले के चिरकुंडा में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

मंगलवार सुबह जर्जर 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीन मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर चिरकुंडा-पंचेत मुख्य सड़क

चिरकुंडा (धनबाद) :

मामला चिरकुंडा नगर परिषद के वार्ड संख्या 9, सोनारडंगाल इलाके का है, जहां मंगलवार सुबह करीब 8 बजे जर्जर 11 केवी बिजली तार अचानक टूटकर सड़क पर गिर गया।

उसी दौरान स्थानीय निवासी सुनील यादव अपने मवेशियों को चराने के लिए ले जा रहे थे। जैसे ही मवेशी सड़क पर गिरे तार की चपेट में आए, करंट लगने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं, एक बाइक सवार युवक भी इस हादसे का शिकार होते-होते बच गया। उसने समय रहते बाइक छोड़कर अपनी जान बचाई।

लोगों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

  • गुस्साए लोगों ने:
  • चिरकुंडा-पंचेत मुख्य सड़क को जाम कर दिया
  • बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

लोगों का आरोप है कि जर्जर तार की शिकायत कई बार की गई थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।

इलाके में एहतियात

घटना के बाद:

  • पूरे इलाके को बांस-बल्लियों से घेर दिया गया
  • सड़क पर आवागमन रोक दिया गया
  • जाम की स्थिति बनी हुई है

प्रशासन की कार्रवाई

सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद चिरकुंडा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

बिजली विभाग को सूचना दी गई है और पीड़ित को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

डब्लू बाउरी (पूर्व अध्यक्ष, चिरकुंडा नगर परिषद):

“बिजली विभाग की लापरवाही से यह घटना हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम पीड़ित को उचित मुआवजा दिलाने की मांग करते हैं।”

श्याम गाड़ीयान (स्थानीय निवासी):

“अगर समय पर तार ठीक कर दिया जाता तो यह हादसा नहीं होता। प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

निष्कर्ष

चिरकुंडा की यह घटना बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर करती है। समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे आगे भी हो सकते हैं।

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