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डीएवी स्कूलों की तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न, नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

JP Bharat Shareधनबाद: डीएवी झारखंड प्रक्षेत्र-बी के अंतर्गत डीएवी कोयलानगर, डीएवी सीएफआरआई डिगवाडीह एवं जामाडोबा में सी.ए.ई. डीएवी सीएमसी नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय शिक्षकीय कार्यशाला का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यशाला में झारखंड प्रक्षेत्र-बी के विभिन्न डीएवी विद्यालयों के 470 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशिक्षकों, समन्वयकों, संकुल प्रधानों एवं प्रतिनिधियों…

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धनबाद: डीएवी झारखंड प्रक्षेत्र-बी के अंतर्गत डीएवी कोयलानगर, डीएवी सीएफआरआई डिगवाडीह एवं जामाडोबा में सी.ए.ई. डीएवी सीएमसी नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय शिक्षकीय कार्यशाला का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यशाला में झारखंड प्रक्षेत्र-बी के विभिन्न डीएवी विद्यालयों के 470 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशिक्षकों, समन्वयकों, संकुल प्रधानों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला में DAV Public School Koylanagar, DAV Public School CFRI Digwadih, जामाडोबा, कुसुंडा, अलकुशा, मुनीडीह, लोदना एवं बरोरा स्थित डीएवी विद्यालयों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप समग्र विकास, कौशल आधारित शिक्षा, समावेशी शिक्षण, आलोचनात्मक सोच, अनुभवात्मक शिक्षा और बहुभाषावाद जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएवी कोयलानगर की प्राचार्या D C Banerjee ने कहा कि जब शिक्षक समुचित रूप से प्रशिक्षित होते हैं, तो वे अधिक आत्मविश्वास और प्रभावशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया पर पड़ता है।

वहीं मुनीडीह की प्राचार्या एवं क्लस्टर हेड Indu Prasad ने मास्टर ट्रेनरों और प्रतिभागी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने कार्यशाला को शिक्षण गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

डीएवी सीएफआरआई की प्राचार्या Mahua Singh ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल साक्षरता बढ़ाना नहीं, बल्कि कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास को सुनिश्चित करना भी है।

इस दौरान धनबाद के शिक्षाविद् Dr Shyamal ने ईईडीपी शिक्षिकाओं को बच्चों को मनोवैज्ञानिक एवं खेल-आधारित पद्धति से शिक्षित करने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, योग्यता-आधारित मूल्यांकन और रटने की परंपरा से हटकर नवाचार आधारित शिक्षा पर भी चर्चा की।

कार्यशाला में विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों का अनुभव कराया गया। समापन अवसर पर डीएवी लोदना की प्रभारी Dr Abhilasha Kumari भी उपस्थित रहीं।


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