देवघर: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट तथा गैर-भारतीय नागरिकों के नाम ही प्रारूप मतदाता सूची से बाहर रखे जाएंगे।
संथाल परगना प्रमंडल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मंगलवार को मधुपुर में आयोजित बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया, बीएलओ का उत्साहवर्धन किया तथा उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम पूर्व की मतदाता सूची से मैप हो चुका है या नहीं हुआ है, यदि वे एन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर उसे जमा कर देते हैं तो उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि पात्र मतदाताओं के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बीएलओ को निर्देश दिया कि 30 जून से शुरू होने वाले घर-घर संपर्क अभियान के दौरान वे मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएं और उनकी पूर्व मतदाता सूची से मैपिंग सुनिश्चित करें। इससे अधिकांश मतदाताओं को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैपिंग और एन्यूमरेशन की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं से किसी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। बीएलओ को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान सौरभ कुमार भुवानिया, राजीव कुमार, सागरी बराल सहित विभिन्न प्रखंडों के बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
















