देवघर : राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में होटल संचालकों, व्यापारियों, गैस एजेंसियों, पेट्रोलियम कंपनियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और संतुष्टि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी होटल, भोजनालय और दुकानें स्वच्छता के मानकों का पालन करें तथा श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराएं। प्रसाद, पेड़ा, चूड़ा, इलायचीदाना सहित अन्य खाद्य सामग्री तय मूल्य से अधिक पर बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी दुकानदारों को खाद्य लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण कराने, दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखने, कूड़ेदान की व्यवस्था सुनिश्चित करने और सभी उत्पादों पर एक्सपायरी डेट स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए। वहीं होटल संचालकों और गैस एजेंसियों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने सभी सेवा शिविरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, श्रद्धालुओं को मेला संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने तथा कांवड़िया पथ पर अनावश्यक भीड़ बढ़ाने वाले बड़े सांस्कृतिक आयोजनों से बचने की सलाह दी।
श्रावणी मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया है। इसके तहत भारी वाहनों और श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएंगे, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके और आवागमन सुचारु बना रहे।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
















