देवघर में फर्जी कस्टमर केयर बन साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
देवघर पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में छापेमारी की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग फ्लिपकार्ट, अमेजॉन, फोन-पे और एयरटेल पेमेंट बैंक के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, 24 सिम कार्ड, 16 एटीएम कार्ड, ₹1 लाख 22 हजार 60 नकद, एक लग्ज़री स्कॉर्पियो और एक पल्सर बाइक बरामद की है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पीएम किसान योजना, लोन दिलाने और कैशबैक ऑफर का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे। आरोपी फर्जी गूगल पे, फोन-पे और पेटीएम कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से फोन-पे गिफ्ट कार्ड बनवाते थे और रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह फर्जी एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने और साइबर ठगी की रकम को नकद में बदलने का काम भी करता था। इसके बदले आरोपी 25 प्रतिशत कमीशन लेते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह इलाके में सक्रिय अन्य साइबर अपराधियों को भी संरक्षण दे रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में पदनियां निवासी अयुब असारी, मुस्तफा अंसारी, मो. बाबर अंसारी, इरफान अंसारी और पंचरुखी निवासी समीद अंसारी शामिल हैं। सभी आरोपी मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच में साइबर ठगी से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
इस कार्रवाई में मधुपुर अंचल पुलिस निरीक्षक राउतु होनहागा, मारगोमुण्डा थाना प्रभारी शशि कपूर, साहेब राम किस्कू और मधुपुर थाना के संदीप कुमार भगत की अहम भूमिका रही।














