देवघर: देवघर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को साइबर पुलिस बताकर लूटपाट करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। जसीडीह थाना क्षेत्र के कोकहराजोरी से रौशन मोड़ जाने वाली मुख्य सड़क किनारे स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में छापेमारी कर पुलिस ने गिरोह के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, पुलिस जैसी केमोफ्लाज वर्दी, टोपी, प्लास्टिक स्टिक और दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी अर्धनिर्मित मकान में बैठकर अगली लूट की योजना बना रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह पहले साइबर अपराधियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाता था, फिर पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को साइबर पुलिस बताता और उनके घरों पर छापेमारी का नाटक कर हथियार के बल पर नकदी व अन्य कीमती सामान लूट लेता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने पिछले कुछ महीनों में जसीडीह, सोनारायठाढ़ी, मोहनपुर, मधुपुर और पथरौल थाना क्षेत्रों के कई गांवों में इसी तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस का मानना है कि कई पीड़ित साइबर अपराध से जुड़े होने के कारण शिकायत दर्ज कराने से बचते थे, जिसका फायदा गिरोह उठाता था।
इस मामले में जसीडीह थाना कांड संख्या 248/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में मो. फारुख अंसारी, मो. मुबारक अंसारी उर्फ गुड्डू, इजरायल अंसारी, ताहिर अंसारी, बब्लू अंसारी, सहबाज आलम, पाण्डेय यादव, सुलेमान साह, अकरम साह और अल्ताफ अंसारी उर्फ गुड्डू शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस, एक पिस्टल मैगजीन, पांच केमोफ्लाज टी-शर्ट, पांच केमोफ्लाज फुल पैंट, पांच केमोफ्लाज टोपी, चार प्लास्टिक स्टिक और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के मुख्य सरगना समेत कई आरोपियों के खिलाफ पहले से लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क, अन्य संभावित वारदातों और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
















