धनबाद: धनबाद पुलिस ने चिरकुंडा थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए बीसीसीएल के एक परित्यक्त और जर्जर आवास से संचालित अवैध लॉटरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां छपने वाले फर्जी लॉटरी टिकट केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक भेजे जा रहे थे। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क था।
जानकारी के अनुसार, चिरकुंडा थाना क्षेत्र के बाबू डंगाल स्थित बीसीसीएल के एक खंडहरनुमा भवन में लंबे समय से हाईटेक तरीके से प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों की छपाई की जा रही थी। सुनसान और परित्यक्त भवन होने के कारण इस गतिविधि की किसी को भनक नहीं लगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का खुलासा प्रतिद्वंद्वी गिरोह के बीच विवाद के बाद मिली गुप्त सूचना के आधार पर हुआ। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापेमारी कर कालूबथान निवासी स्वरूप मलिक को गिरफ्तार किया, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में प्रकाश सिंह, भानु प्रताप सिंह, जय सिंह, ननकू और स्वरूप मलिक को नामजद आरोपी बनाया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी प्रकाश सिंह के खिलाफ अन्य राज्यों में भी कई मामले दर्ज हैं। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित लॉटरी टिकट, एक बुलेट मोटरसाइकिल, दो हाईटेक प्रिंटर, दो बड़े जेरॉक्स मशीन, नौ पेपर स्टेपलर मशीन, तीन पेपर कटिंग मशीन, बैटरी, इनवर्टर, स्टेबलाइजर सहित बड़ी मात्रा में प्रिंटिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी लॉटरी टिकट किन-किन राज्यों में भेजे जा रहे थे, इस सिंडिकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा अवैध कारोबार से अब तक कितनी रकम का लेन-देन हुआ है।
















