धनबाद: जोड़ाफाटक स्थित गुरुद्वारा साहिब में सिखों के पांचवें गुरु Guru Arjan Dev के 420वें शहादत दिवस पर श्रद्धा और सेवा भाव के साथ छबील सेवा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगत ने गुरुजी के बलिदान को नमन करते हुए राहगीरों एवं श्रद्धालुओं के बीच ठंडा शरबत वितरित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अरदास और कीर्तन के साथ हुई। इसके बाद संगत ने सेवा भाव का परिचय देते हुए बड़ी संख्या में लोगों को शरबत पिलाया। गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालुओं ने गुरु अर्जन देव जी के बताए मार्ग पर चलने और मानव सेवा के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य Rominder Singh, Navtej Singh, Amarjeet Singh, Sardool Singh सहित कई श्रद्धालुओं ने सेवा कार्य में सक्रिय योगदान दिया।
आयोजकों ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन सत्य, धैर्य, त्याग और निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। उनका बलिदान मानवता को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि छबील सेवा केवल परंपरा नहीं, बल्कि मानव सेवा और भाईचारे का संदेश देने का माध्यम है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और गुरुजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
















