धनबाद: नारायणी चैरिटेबल ट्रस्ट एवं अडानी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को धनबाद के बाबू नगर, लोहार कुली क्षेत्र में दिव्यांगता जागरूकता एवं अर्ली इंटरवेंशन (Early Intervention) विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक अवस्था में शारीरिक, मानसिक एवं विकास संबंधी समस्याओं की पहचान कर समय पर उचित उपचार एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय अभिभावकों, बच्चों एवं क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों की टीम ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें कुछ बच्चों में विकासात्मक एवं मानसिक चुनौतियों के शुरुआती संकेत पाए गए। ऐसे मामलों में अभिभावकों को विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श लेने तथा समय पर आवश्यक उपचार एवं थेरेपी शुरू कराने की सलाह दी गई।
इस दौरान अभिभावकों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया, सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा शिक्षा एवं पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय रहते दिव्यांगता की पहचान होने पर बच्चों के विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।
कार्यक्रम में यह भी संदेश दिया गया कि दिव्यांग बच्चों को घर तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उनकी क्षमता के अनुरूप विद्यालय भेजा जाए और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जाए। उचित शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण और नियमित थेरेपी से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे समाज में बेहतर जीवन जी सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में दिव्यांगता संबंधी जागरूकता और आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण कई परिवार समय पर सही जानकारी और सहायता नहीं प्राप्त कर पाते। ऐसे कार्यक्रम न केवल अभिभावकों को जागरूक करते हैं, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को समय पर पहचान, उपचार और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके तथा उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके।
















