धनबाद: सरकारी अस्पतालों में सांप, चूहे और अन्य कीड़ों से बचाव के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद ऑपरेशन थिएटर में सांप मिलने की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और पेस्ट कंट्रोल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
साहूबहियार सीपीसी के ऑपरेशन थिएटर में सांप घुसने की घटना सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार, धनबाद समेत चार जिलों के अस्पतालों में पेस्ट कंट्रोल के लिए करीब 44 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। अकेले धनबाद में करीब 43.84 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई है।
धनबाद में सदर अस्पताल, सीपीसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पेस्ट कंट्रोल का काम एजेंसियों को सौंपा गया था। इसके बावजूद संवेदनशील ऑपरेशन थिएटर तक सांप के पहुंचने से व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
लाखों का खर्च, फिर भी OT में सांप!
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अस्पतालों को सांप और अन्य जीव-जंतुओं से सुरक्षित रखने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो फिर OT जैसे महत्वपूर्ण स्थान में सांप कैसे पहुंच गया?
रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया और पेस्ट कंट्रोल के काम की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में अब खर्च की गई राशि, टेंडर प्रक्रिया और एजेंसी द्वारा किए गए काम की जांच की मांग उठ रही है।
लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी अगर अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर सुरक्षित नहीं है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
















