धनबाद: जिले में बढ़ती फर्जी किन्नरों की संख्या को लेकर झारखंड सरकार के किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य Sunaina Singh Kinnar तथा धनबाद जिला किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य Shweta Kinnar ने उपायुक्त Aditya Ranjan से मुलाकात कर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि जिले में फर्जी किन्नरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे वास्तविक किन्नर समुदाय के अधिकारों, पहचान और सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
सुनैना किन्नर और श्वेता किन्नर ने कहा कि फर्जी पहचान का उपयोग करने वाले लोगों के कारण समाज में वास्तविक किन्नर समुदाय को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार द्वारा संचालित गरिमा गृह योजना के संचालन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस योजना में वास्तविक किन्नर समुदाय की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। उनका सुझाव था कि योजना का संचालन किसी बाहरी संस्था के बजाय किन्नर समुदाय की सहभागिता और नेतृत्व में किया जाए।
उन्होंने कहा कि किन्नर समुदाय की समस्याओं, चुनौतियों और जरूरतों को समुदाय के सदस्य बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। इसलिए कल्याणकारी योजनाओं के संचालन और प्रबंधन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा।
















