धनबाद: पश्चिम बंगाल के Dankuni से पंजाब के Ludhiana तक विकसित किए जा रहे Eastern Dedicated Freight Corridor के निर्माण कार्य ने धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में गति पकड़ ली है। परियोजना से जुड़े विभिन्न हिस्सों में अब जमीनी स्तर पर काम स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
ताजा प्रगति के अनुसार, ट्रैक बिछाने से पहले चिन्हित भूमि को समतल करने का कार्य कई स्थानों पर पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा ट्रैक के मजबूत आधार निर्माण के लिए आवश्यक बड़े पत्थर और गिट्टियां भी कई जगहों पर पहुंचाई जा रही हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में निर्माण कार्य और तेज गति से आगे बढ़ेगा।
इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को पूरा करने के लिए धनबाद क्षेत्र में रेलवे के कई पुराने ढांचों और कार्यालयों को नए स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। रेलवे की ओर से प्रभावित इकाइयों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन विकसित किए जाने की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने के बाद मालगाड़ियों का परिचालन अलग ट्रैक पर स्थानांतरित हो जाएगा। इससे मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम होगा और यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार आएगा।
परियोजना पूरी होने के बाद धनबाद रेल मंडल को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होने से ट्रेनों की समयपालन क्षमता बेहतर होगी और नई यात्री ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह परियोजना न केवल माल परिवहन को अधिक तेज और प्रभावी बनाएगी, बल्कि पूर्वी भारत के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
















