धनबाद: जिले में मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष जांच अभियान चलाया गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में टीम ने शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान कई दुकानों से पनीर समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इन नमूनों को रासायनिक जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, रांची भेजा गया है। मौके पर प्रारंभिक जांच में संदिग्ध पाए गए खाद्य पदार्थों को जब्त किया गया। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद होगी।
स्टील गेट स्थित गौतम डेयरी में जांच के दौरान संचालक के मौके से चले जाने की जानकारी सामने आई। टीम ने प्रतिष्ठान का एफएसएसएआई लाइसेंस भी वैध नहीं पाया। यहां से 48 किलोग्राम संदिग्ध पनीर, 2 किलोग्राम घी और खोवा जब्त किया गया। प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दुकान को तत्काल सील कर दिया गया।
वहीं पुलिस लाइन स्थित राकेश डेयरी से 10 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया गया। इसके अलावा सरायढेला के रूफ 709, निर्मल स्वीट्स और रमेश डेयरी तथा बरटांड़ की गंगा डेयरी से पनीर, घी और खोवा-मिठाई के नमूने जांच के लिए लिए गए।
जिला प्रशासन ने कहा है कि लोगों को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। बिना वैध लाइसेंस खाद्य कारोबार करने और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के साथ नवनियुक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी चंदन साव, चंद्रदेव गंझू, जैस्मीन केरकेट्टा, नैना नायक सहित विभागीय कर्मी राहुल कुमार पासवान, राहुल कुमार, अमित कुमार और शुभम कुमार शामिल रहे। धनबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग पहले भी विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई करता रहा है।
















