धनबाद: शहर के रेलवे ऑडिटोरियम में शनिवार को ‘अनुभूति एक एहसास’ संस्था की ओर से ‘नृत्यंगना’ डांस एंड सिंगिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसी दौरान ‘नृत्यंगना कथक केंद्र’ का भी विधिवत उद्घाटन किया गया।
गुरु सरसी चंद्रा के मार्गदर्शन में उनकी शिष्या प्रियंका प्रियदर्शी ने इस कथक केंद्र की शुरुआत की है। केंद्र का उद्देश्य कथक नृत्य और संगीत की गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय कला से जोड़ना है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रिया मिश्रा, प्रेसिडेंट ECR WWO धनबाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मृणालिनी, वाइस प्रेसिडेंट WWO इंडियन रेलवे, अल्पना झा, वाइस प्रेसिडेंट WWO इंडियन रेलवे और कांग्रेस नेता वैभव सिन्हा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में धनबाद की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना श्रुति चंद्रा ने शानदार कथक प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं और भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सुंदरता को मंच पर जीवंत किया।
डांस और सिंगिंग प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
प्रतियोगिता में अलग-अलग श्रेणियों के प्रतिभागियों ने नृत्य और गायन के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडली में सिमरन छाबड़ा, सस्वती सेन, संचिता बख्शी और संजय मजूमदार शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
आयोजकों के मुताबिक, ‘नृत्यंगना कथक केंद्र’ में नियमित रूप से कथक की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इच्छुक विद्यार्थियों को संगीत की शिक्षा भी दी जाएगी। कार्यक्रम में कला प्रेमियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी रही और पूरे आयोजन के दौरान खासा उत्साह देखने को मिला।
















