धनबाद: बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के तत्वावधान में सोमवार को रणधीर वर्मा चौक पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। झारखंड सांस्कृतिक रंगमंच के कलाकारों ने प्रस्तुति के जरिए बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी पहलुओं को लोगों के सामने रखा।
नाटक के माध्यम से बताया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। इसमें केवल वर-वधू या उनके अभिभावक ही नहीं, बल्कि विवाह में सहयोग करने वाले अन्य लोग भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। कलाकारों ने लोगों से बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की।
कम उम्र में विवाह से स्वास्थ्य पर असर
कलाकारों ने कम उम्र में विवाह और गर्भधारण से किशोरियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को भी समझाया। एनीमिया समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ने के साथ उनकी पढ़ाई और भविष्य पर भी असर पड़ सकता है।
कार्यक्रम की मुख्य संयोजक पिंकू कुमारी पासवान ने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा का पूरा अवसर देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए उन्हें पहले शिक्षा और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिलना चाहिए।
झारखंड सांस्कृतिक रंगमंच ने कहा कि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से गांवों और शहरों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
















