धनबाद: देश की प्रशासनिक व्यवस्था की कमान संभालने वाले भावी अधिकारियों ने सोमवार को धनबाद के विकास मॉडल और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से जाना। देहरादून में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2025 बैच के सात प्रशिक्षु अधिकारियों ने भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत धनबाद पहुंचकर जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और सुशासन की पहलों का अवलोकन किया।
दौरे के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने सबसे पहले धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन से मुलाकात की। इस अवसर पर उपायुक्त ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धनबाद में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई अभिनव पहलें की जा रही हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने बाबूडीह मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का भ्रमण कर बच्चों और महिलाओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने सदर अस्पताल के पैट्रियोटिक वार्ड का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने अस्पताल में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को भी समझा।
इसके अलावा टीम ने गोविंदपुर के किसान उत्पादक संगठन (FPO) का दौरा कर कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजनाओं को जाना। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं को प्रदान की जा रही शैक्षणिक सुविधाओं और आवासीय व्यवस्था का अवलोकन किया गया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने कृषक पाठशाला का भी निरीक्षण किया, जहां आधुनिक कृषि तकनीकों और किसानों के प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि भारत दर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में लागू सुशासन मॉडल, उद्योग, संसाधन प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से व्यावहारिक रूप से अवगत कराना है। इससे भावी अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रशासनिक चुनौतियों और उनके समाधान को समझने का अवसर मिलता है।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने धनबाद में चल रही विभिन्न योजनाओं और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इस दौरे से उन्हें प्रशासनिक कार्यों को समझने और आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को करीब से जानने का अवसर मिला। यह अनुभव उनके भविष्य के प्रशासनिक दायित्वों में काफी उपयोगी साबित होगा।
















