धनबाद: धनबाद पुलिस ने वर्षों से लंबित आपराधिक मामलों के निष्पादन की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। मई 2026 के दौरान जिले के विभिन्न थानों में लंबित पड़े 1250 कांडों का चार्जशीट एवं अंतिम प्रतिवेदन (Final Form) न्यायालय में जमा किया गया है। इनमें कई ऐसे मामले भी शामिल हैं जो लगभग तीन दशक से लंबित थे।
जानकारी के अनुसार, कई मामलों में अनुसंधान पूरा होने के बावजूद तकनीकी, प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत कारणों से चार्जशीट या अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हो पा रहा था। इसके कारण मुकदमों की सुनवाई शुरू नहीं हो रही थी और पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने सभी लंबित मामलों की विशेष समीक्षा कर उनके निष्पादन का निर्देश दिया। इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें अभियोजन शाखा प्रभारी मुकेश चौधरी, एसआई रजनीकांत सहित अन्य पदाधिकारियों को शामिल किया गया। पूरे अभियान की निगरानी डीएसपी मुख्यालय-2 नाजिर अख्तर द्वारा की गई।
विशेष टीम ने जिले के विभिन्न थानों में लंबित मामलों की फाइलों की समीक्षा कर दस्तावेजों की कमी, केस डायरी, सत्यापन और अन्य प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करते हुए तेजी से कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप केवल मई माह में ही 1250 मामलों का चार्जशीट अथवा अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इस अभियान की खास बात यह रही कि इसमें पुटकी थाना कांड संख्या 06/1998 और झरिया थाना कांड संख्या 86/1999 जैसे करीब 27-28 वर्ष पुराने मामलों की रिपोर्ट भी न्यायालय में समर्पित की गई। इससे लंबे समय से लंबित मामलों को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है।
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इन मामलों में सुनवाई और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
धनबाद पुलिस का उद्देश्य पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना, न्यायिक प्रक्रिया को गति देना और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य लंबित मामलों की भी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
















