गोविंदपुर/धनबाद: गोविंदपुर के ऊपर बाजार में श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष 117वां दुर्गोत्सव आयोजित किया जा रहा है। यहां बंगाल की लोक संस्कृति और पारंपरिक शिल्पकला पर आधारित ‘सोनार बांग्ला, माटिर टाने’ थीम पर भव्य पंडाल बनाया गया है। गोविंदपुर थाना प्रभारी ने फीता काटकर पंडाल का उद्घाटन किया और लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की।
बांस और मिट्टी की कलाकारी बनी आकर्षण
पंडाल को पूर्व मेदिनीपुर से आए शिल्पकारों ने बांस की फल्ली और पारंपरिक कलाकारी से सजाया है। इसमें बंगाल की ग्रामीण संस्कृति और मिट्टी से जुड़े जीवन को दर्शाया गया है। बांस और मिट्टी से बनी हाथी, घोड़े और मनुष्यों की आकृतियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। पंडाल के पास तैयार किया गया लगभग 16 फीट ऊंचा बांस का घोड़ा भी खास आकर्षण है।
समिति के अनुसार, इस वर्ष आयोजन पर करीब 18 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें पंडाल निर्माण पर 12 लाख रुपये, मां दुर्गा की प्रतिमा पर 1.5 लाख रुपये और विद्युत सज्जा पर लगभग 1.5 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
216 कन्याओं को कराया जाएगा भोजन
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामाजिक गतिविधियों की भी तैयारी की गई है। महानवमी पर 216 कन्याओं को भोजन कराने की योजना है। नवमी और दशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच महाभोग भी वितरित किया जाएगा।
जीटी रोड पर यातायात व्यवस्था की मांग
गोविंदपुर जीटी रोड पर एलिवेटेड रोड का निर्माण जारी रहने के कारण पंडाल और मेले के आसपास जगह सीमित हो गई है। समिति ने आशंका जताई है कि इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही और यातायात प्रभावित हो सकता है।
इसी को देखते हुए समिति ने प्रशासन से सप्तमी से दशमी तक चार दिनों के लिए जीटी रोड की कोलकाता लेन पर उचित बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन करने की मांग की है। आयोजकों का कहना है कि पर्याप्त जगह और बेहतर व्यवस्था से भीड़ तथा जाम की समस्या को कम किया जा सकता है।
















