गुमला: झारखंड के गुमला जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। चैनपुर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सदर अस्पताल रेफर की गई 14 वर्षीय छात्रा की समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मरीज को ले जाने के लिए उपलब्ध एम्बुलेंस तकनीकी खराबी के कारण स्टार्ट नहीं हुई, जिससे इलाज में देरी हुई।
जानकारी के अनुसार, छात्रा शिवानी कुमारी को तेज बुखार और सिरदर्द की शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि रेफरल के बाद एम्बुलेंस स्टार्ट नहीं हुई। मौजूद लोगों ने वाहन को धक्का लगाकर चालू करने का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच छात्रा की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और उसने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध होती और मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले के बाद स्वास्थ्य सेवाओं और एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से घटना की जांच कर तथ्य सामने लाने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जा रही है।
















