धनबाद: IIT (ISM) Dhanbad में शनिवार को National Frontiers of Engineering (NatFoE)-2026 के 20वें संस्करण और Innovation in Manufacturing Practices (IMP)-2026 का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय यह आयोजन 8 से 10 अगस्त तक चलेगा, जिसमें देशभर से इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग प्रतिनिधि, स्टार्टअप, MSME और छात्र हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने युवाओं और शोधकर्ताओं से भविष्य की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रिसर्च और इनोवेशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और भारत की जरूरतों के अनुरूप प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों को व्यावहारिक समाधान में बदलना जरूरी है।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए स्वदेशी तकनीक, स्टार्टअप और MSME की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
INAE के अध्यक्ष जे.डी. पाटिल ने युवा इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को नई तकनीक विकसित करने तथा शोध को उपयोगी उत्पादों एवं तकनीकी समाधानों में बदलने के लिए प्रेरित किया। वहीं SAIL के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक कुमार पांडा ने इंडिजिनस टेक्नोलॉजी, डिजिटाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को उद्योगों की सुरक्षा, दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पद्मश्री प्रो. संघमित्रा बंदोपाध्याय ने युवाओं से देश की वास्तविक समस्याओं को केंद्र में रखकर शोध करने की अपील की। उन्होंने जिम्मेदार और एथिकल इंजीनियरिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि NatFoE और IMP जैसे आयोजन अकादमिक संस्थानों, उद्योगों, रिसर्च संस्थानों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान Advanced Manufacturing, Critical Metals and Process Technologies के साथ-साथ Stealth Defence Platforms के लिए Antenna, RF Structures और RCS Control Technologies जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम का समापन प्रो. अमित राय दीक्षित के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
















