झरिया: शारदीय दुर्गोत्सव के समापन पर झरिया और आसपास के क्षेत्रों में मां दुर्गा की विदाई भावुक माहौल में हुई। नौ दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने जयकारों और भक्ति गीतों के बीच मां को अगले वर्ष फिर आने के निमंत्रण के साथ विदा किया।
झरिया की परंपरा के अनुसार, सबसे पहले पुराना राजगढ़ स्थित दुर्गा मंदिर की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इसके बाद अमलापाड़ा, पोद्दारपाड़ा मुखर्जी मंदिर, मिश्रीपाड़ा के श्रीश्री आदिशक्ति सार्वजनिक दुर्गा मंदिर, पंचदेव मंदिर और मां मंगल चंडी काली मंदिर सहित अन्य स्थानों की प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।
इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमाओं को कंधों पर उठाकर विसर्जन के लिए निकले। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच प्रतिमाओं का राजा तालाब सहित अन्य जलाशयों में विसर्जन किया गया। विदाई के समय भक्तों ने सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
विसर्जन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए झरिया थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय पुलिस बल के साथ सक्रिय रहे। प्रशासन और स्थानीय लोगों की सतर्कता के बीच विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
















