रांची: झारखंड के वाणिज्य-कर विभाग ने राजस्व संग्रह बढ़ाने और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मेसर्स चॉइस कंसल्टेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के साथ तीन साल का समझौता किया है। गुरुवार को रांची में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की मौजूदगी में करार हुआ। जानकारी के अनुसार, कंपनी छह महीने के भीतर काम शुरू करेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस समझौते से राज्य के राजस्व संग्रह को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार की प्राथमिकताओं में राज्य की आय बढ़ाना और कर संग्रह की प्रक्रिया को बेहतर बनाना शामिल है।
इस दौरान मंत्री ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों से झारखंड के हित प्रभावित हो रहे हैं और एमएमडीआर कानून में राज्य के हितों की अनदेखी की गई है।
अब कंपनी के काम शुरू करने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजस्व संग्रह और विभागीय कार्यप्रणाली में कितना सुधार होता है।
















