कतरास: बाघमारा के रामकनाली ओपी क्षेत्र में कथित अवैध कोयला खनन के दौरान हुई मौत की घटना के अगले दिन ए.के.डब्ल्यू.एम.सी. प्रबंधन ने कार्रवाई शुरू की। परियोजना पदाधिकारी जयंत कुमार, रामकनाली ओपी प्रभारी अलीशा कुमारी और CISF अधिकारियों व जवानों की मौजूदगी में खतरनाक क्षेत्र में स्थित करीब आधा दर्जन जर्जर आवासों को डोजरिंग कर ध्वस्त किया गया।
डेंजर जोन में आवागमन का रास्ता किया बंद
परियोजना पदाधिकारी जयंत कुमार ने बताया कि संबंधित इलाके को पहले ही डेंजर जोन घोषित किया जा चुका था। सोमवार को खतरनाक क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्ते में ट्रेंच कटिंग कर आवागमन बंद कराया गया।
उन्होंने रविवार की भू-धंसान की घटना में तीन लोगों की मौत होने के दावे से इनकार किया। घटना में वास्तविक रूप से कितने लोग प्रभावित हुए, इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर किया जा रहा शिफ्ट
प्रबंधन के अनुसार, मुंडा धौड़ा के प्रभावित लोगों को रामकनाली और जीरो सीम, तेतुलमारी क्षेत्र में शिफ्ट कराया गया है। वहीं कुम्हार पट्टी के लोगों को भी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।
भविष्य में किसी दुर्घटना को रोकने के लिए जर्जर मकानों को हटाने के साथ खतरनाक क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा बेरिकेडिंग और सुरक्षा तार लगाने की भी तैयारी है।
कार्रवाई के दौरान प्रबंधन, पुलिस और CISF के जवानों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।
वहीं, रविवार की घटना को लेकर रामकनाली ओपी में अब तक मामला दर्ज नहीं होने की बात भी सामने आ रही है, जिसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
















